

हेड
सचिवालय
Clermont-Ferrand में जन्मी और फिर Aix-en-Provence में बसी Eva दक्षिण की धूप को अपना ठिकाना मानकर बड़ी हुई, वही धूप जो आज वह जहाँ भी जाती है साथ ले जाती है (सोमवार की सुबह क्लास लौटते वक़्त भी)।
पंद्रह साल के कराटे ने उसे अनुशासन सिखाया, ख़ुद पर क़ाबू सिखाया और सबसे बढ़कर यह कि पिंडली पर लकड़ी के तख़्ते… बहुत दर्द करते हैं।
पहले साल के बाद ऑस्ट्रेलिया में बिताए एक साल ने उसे बाहर की दुनिया का चस्का भी दिया और मकड़ियों का वह डर भी, जिसकी वजह से वह हर तरह की गालियाँ चिल्लाती है, उन भाषाओं में भी जो उसे आती नहीं। (इन दिनों वह इसी तरह अपना IELTS दोहराती है)
